Main content

कार्यक्रम

      राष्ट्रीय स्तर पर आधुनिक चुनौतियों, निजीकरण तथा वैश्विक नीतियों एवं उदारीकरण से उत्पन्न प्रतियोगी माहौल के कारण भिन्न स्तरों पर कार्यरत तकनीकी संस्थाओं तथा शिक्षकों की भूमिका में असाधारण परिवर्तन हुआ है।

      उभरते हुए परिदृश्य में ''सुयोग्यता एवं प्रतियोगिता'' नारा है और तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बहुत जोर दिया जा रहा है। इसलिए अब यह अनिवार्य हो गया है कि नवाचार, मौलिकता, अनुकूलतम योजनाओं और प्रयोगों, उभरते हुए इंजीनियरी तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में विषय वस्तु अद्यतनीकरण एवं चुनौतियों का सामना करने हेतु उत्पाद/प्रक्रिया विकास को प्रोत्साहित किया जाये। सूचना प्रौद्योगिकी एवं परिष्कृत साफ्टवेयरों के आगमन का शैक्षिक पद्धति डिज़ाइन एवं वितरण पर बड़ा प्रभाव पड़ा है। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए शिक्षकों को अपेक्षित ज्ञान, कौशल एवं अभिवृत्ति अर्जित करने के लिए परिस्थिति के अनुकूल तथा आधुनिक बन जाने की जरूरत है, जिसके लिए राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्य है।

      संस्थान विविध प्रकार के अल्पकालिक तथा दीर्घकालिक कार्यक्रमों का संचालन करता है। इसमें तकनीकी शिक्षा के भिन्न क्षेत्रों में पीएच.डी., एम.टेक.  (एड.), नए भर्ती हुए शिक्षकों के लिए नियुक्ति उपरांत प्रशिक्षण कार्यक्रम, विषय-वस्तु अद्यतनीकरण कार्यक्रम तथा विशेषतः शिक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में व्यावसायिक विकास कार्यक्रमों की एक व्यूह-रचना सम्मिलित है।